Month: अक्टूबर 2019

खामोशी

दिल सोचता है क्यों जब मन बस में ही नहीं है।
खलती कमी क्यों ऐसे ये खुद को पता नहीं है।
आँखो से क्यों हुआ बारिश जब कोई दर्द ही नहीं है।
मन हर बात क्यों समझाये जब समझकर भी समझता ही जो नहीं है।
हर तरफ क्यों खामोशी छायी जब गम भी अब नहीं है।
रजनी अजीत सिंह 15.102019