जिदंगी के एहसास पुस्तक के विमोचन की तस्वीर और विभिन्न अखबार में निकले साहित्यकारों के विचार।

जिदंगी जंग हैं आँखे नम है,

हौसला बुलंद हैं,

जिदंगी जीने के लिए

रजनी को इतना क्या कम है।

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