जिदंगी में नौरात्रि की शुभकामनाएं

माँ तुम्हें मनाने निकल पड़े हैं नौरात्रि के पहले दिन ही।
तुम पर्वत पर ही रहोगी या आओगी मेरे घर भी।
संकट टाली हर खुशियाँ दी अब दर्शन दो माँ नौ दिन में हर दिन ही।
बाल – गोपाल सब तुम्हारे सहारे रखना सबका ख्याल माँ तुम हर दिन ही।
रजनी अजीत सिंह 10.10.2018
नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं
#माँ

4 विचार “जिदंगी में नौरात्रि की शुभकामनाएं&rdquo पर;

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