जिंदगी में रिस्ता का एहसास।

रिस्ता उसी से निभाये जिन रिश्तों में अपनत्व का भाव हो।
रिश्ता बनाना मजाक नहीं कि जब चाहे जोड़ दो जब चाहे नजरअंदाज कर दो।
स्वार्थी इंसान सच्चे रिस्ते और जज्बातों को कभी नहीं समझ सकते।
इसलिए ऐसे रिश्तों को सत् सत् नमन कर दूर रहने की सलाह है। जय माता दी।
रजनी अजीत सिंह 17.3.18
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3 विचार “जिंदगी में रिस्ता का एहसास।&rdquo पर;

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