जिंदगी मुस्कुराती रहे। 27,10.17 

आपकी जिंदगानी मुस्कुराती रहे।

जिंदगी में खुशियाँ ही खुशियाँ आती रहे।

हम दूर ही सही पर मुझे भी आप के खुशी से खुशी मिलती रहे।

आशीष है यही की फूलों की खूशबू की तरह महकती रहें।

सूरज की रोशनी की तरह कीर्ति फैलती रहे। और सागर से भी गहरा हमारे रिश्ते में प्यार बना रहे।
जैसे कस्तूरी की खूशबू पता नहीं चल पाता वैसे ही हमारा रिश्ता बना रहे।
रजनी अजीत सिंह

5 विचार “जिंदगी मुस्कुराती रहे। 27,10.17 &rdquo पर;

टिप्पणियाँ बंद कर दी गयी है।