जिंदगी में छल करने वालो का हिसाब। 25.10.17

जिंदगी में छल करने वालो से।
जिंदगी ने जिंदगी के साथ मिलकर लिया प्रण अपने आप से।
अब हमारे ओठों से हंसी के साथ कभी खुशी गायब नहीं होगी।
छल करने वाले के लिए आँखों से आँसू छलकेंगी नहीं।
अब बुझी हुई आग से चिंगारी ज्वालामुखी बन कहर बरसायेगी।
इसी को जनाब जिंदगी में गिर गिरकर सम्हलना कहते हैं।
छलने वाले हजार सवाल होगा तुम्हारे पास लेकिन अब जवाब न मिलेगा।
क्यों कि अब तुम्हारे कुकर्म रूपी सवाल ही तुम्हारा जवाब है।
अब तुफान का फरमान है क्योंकि सन्नाटा के बाद ही तुफान आता है।
अब ओठों को सी, सबक ले, सबक दे, जिंदगी में आगे बढ़ जाना ही,
असल जिंदगी को खुशी से जीना कहते हैं

रजनी अजीत सिंह 

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