चुनरी पर नाम लिख दूँ 

मईया तेरे चुनरी पे नाम लिख दूँ, 

राम लिख दूँ घनश्याम लिख दूँ। 

एक तरफ राधा तो एक तरफ मीरा, 

बीच में मैं  रुक्मिणी का नाम लिख दूँ। 

राम लिख दूँ घनश्याम लिख दूँ, 

मईया तेरे चुनरी पे नाम लिख दूँ। 

एक तरफ शंकर तो एक तरफ गौरा, 

बीच में मैं गणपति और कार्तिकेय का नाम लिख दूँ। 

राम लिख दूँ घनश्याम लिख दूँ, 

मईया तेरे चुनरी पे नाम लिख दूँ। 

एक तरफ रिद्धि तो एक तरफ  सिद्धि, 

बीच में मैं गणपति का नाम लिख दूँ। 

राम लिख दूँ घनश्याम लिख दूँ, 

मईया तेरे चुनरी पे नाम लिख दूँ। 

एक तरफ सुलभा तो एक तरफ सेवरी, 

बीच में मैं गणिका का नाम लिख दूँ।

 राम लिख दूँ घनश्याम लिख दूँ, 

मईया तेरे चुनरी पे नाम लिख दूँ। 

एक तरफ पंडित तो एक तरफ पुजारी, 

बीच में मैं सेवकों का नाम लिख दूँ। 

राम लिख दूँ घनश्याम लिख दूँ, 

मईया तेरे चुनरी पे नाम लिख दूँ।  

  

एक तरफ ससुरा तो एक तरफ पीहर, 

बीच में मैं चारों धाम लिख दूँ। 

राम लिख दूँ घनश्याम लिख दूँ, 

मईया तेरे चुनरी पे नाम लिख दूँ। 


एक तरफ साजन तो एक तरफ बेटा – बेटी, 

बीच में मैं  भाई का नाम लिख दूँ। 

राम लिख दूँ घनश्याम लिख दूँ, 

मईया तेरे चुनरी पे नाम लिख दूँ, 


राम लिख दूँ घनश्याम लिख दूँ।  

               रजनी सिंह 

25 विचार “चुनरी पर नाम लिख दूँ &rdquo पर;

    1. आपने ठीक कहा ये लोक गीत ही है। ये लोक गीत विलुप्त न हो जो सुना आता है और कुछ शब्दों को अपने बनाकर जोड़ कर कडियों को पूरा करती हूं ह

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          1. आपके जवाब से झेप भी झेलना पड़ा और समाज में आप जैसे इंसान रहते हैं जो धर्म के प्रति एकजुट हैं। मजा आ गया आपके लिए जोर दार ताली। 👏👏👏👏👏👏👏👏👏💐👍👌

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          2. nahi nahi please ise kataksh na samjhe

            main to yah janta bhi nahi tha ki itne sare hai wo to asal me ek baar mere dost ne u hi mujhse puchha ki bhai tum logo ka bhagwan kaisa hai to mujhe thoda ajeeb laga kyoki main samajh nahi paya ki wo puch kya raha hai fir wo bola are bhai jaise hamare me shiv ji hai waise tumhare me kon hai or kaisa dikhte to maine kaha bhai ham log nirakar ko mante hai to wo hanste huye bola sirf ek hi hai maine kaha ha to

            bhai hamare me to kareeb 33 carore hai maine kaha alag alag sanskriti hai alag alag manyataye hai isme koi badi baat nahi hai
            agar sanatan dharm ka itihaas dekhe to isse yah pata chalta hai ki sanatan dharm ek nadi aisi nadi jisme bahut sari anya nadi aa kar milti hai or ek mahanadi banti hai jise sanatan dharm kaha jata hai

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            1. अरे अंसारी जी आप कटाक्ष भी करेंगे तो बुरा नहीं लगेगा। क्यों कि सब आप की तरह और मेरी तरह तो है नहीं भारत आजाद हुआ कब का पर अपनी अपनी धर्म को मानने वालों की अजादी से धर्म के प्रति कुछ पाखंडी है जो हमें एक जुट नहीं होने देना चाहते। फेसबुक वैगरह पर आप भी देखते होंगे हिन्दू मुस्लिम और अन्य धर्मों को लेकर कैसे कैसे फूट डाले जाते हैं। पर अनजाने में ही सही मेरा प्रश्न गलत था। मुझे कुरान और गुरुग्रंथ बाईविल पढ़ने की इच्छा है पर मैं अपने मुस्लिम मित्र से पूछी तो बोले उर्दू में आता है और मुझे उर्दू आती नहीं लेकिन एक ने कहा हिंदी अनुवाद मंगा देगें देखिए मिलता है कि नहीं।

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                1. धन्यवाद। क्या आन लाइन उपलब्ध हो सकेगा तो आर्डर कर देती कोई साइड हो तो बता दीजिए जहाँ असानी से मिल सके और जो अच्छा हो। वैसे आप रहने वाले कहाँ के हैं।

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