काव्य वास्तव में है क्या? भाग_2 

अब भाग दो मैं बताती हूँ अनुभूति स्वानुभूति और कल्पना का काव्य में क्या महत्व है? 

             जीवन अनुभूतियों की संसृति है मानव का अपने परिवेश से जुड़े हुए किसी न किसी सुखात्मक या दुःखात्मक अनुभूति को जन्म देता है। इन संवेदनो पर बुद्धि की क्रिया – प्रतिक्रिया मूल्यात्मक चिंतन से संस्कार बनाती चलती है।