~जिंदगी में सन्देश 23.6.17

प्रिये कहाँ सन्देश भेजूँ? 

मैं प्यार का कैसे सन्देश भेजूँ? 

एक सुध नहीं है प्यार के उनकी, 

दूसरा प्यार है पहचान मनकी। 

प्यार का उपहार दूँ या अश्रुकण अवशेष भेजूँ। 

प्यार पथ के तुम विधाता, 

प्यार ढूँढे प्यार को अपने। 

अमर अपना प्यार है, 

अब पूछने को क्या शेष भेजूँ? 

नयन पथ से मिल स्वपन में, 

प्यास में घुल, खिल प्यार में। 

“रजनी “तुझ में खो गई है। 

अब दूत को किस देश भेजूँ? 

बस गया छवी रूप का धन, 

खो गया घनसार कण बन। 

प्रेम मिलन के देश में अब प्राण को किस देश भेजूँ? 

लिख रहे अब प्रेम शब्द, पल पल का, 

प्यार में मिटते श्वास चल के, 

किस तरह अब प्यार लिख के। 

सहज करुणा की कथा सविशेष भेजूँ। 

                  रजनी सिंह 




22 विचार “~जिंदगी में सन्देश 23.6.17&rdquo पर;

    1. – Love the thoughts and information, I agree with Dr. Jay Baker that way too many people now only look at the center of the storm’s projected path and pay little attention to where it &#c8&0;2ould2#8221; go. South Florida only has to look back at Charlie which was supposed to make landfall in Tampa only to make a last minute right hand turn toward Fort Myers.

      Liked by 1 व्यक्ति

टिप्पणियाँ बंद कर दी गयी है।