~जिंदगी की मजबूरी( 22.5.17) 

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30 विचार “~जिंदगी की मजबूरी( 22.5.17) &rdquo पर;

  1. इंग्लिश समय अनुसार तो सुबह हो गयी और हिंदी समयानुसार सूरज निकलने के बाद ही सुबह होगी। सो पढने वाले को सुप्रभात और सोने जाने वाले को शुभ रात्रि। अब नाम का ही असर है रजनी के(रात) ब्लॉग पर विचरण कर रही हूँ।

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