भीड़

अकेले होने पर भी भीड़ को महसूस करना अज्ञानता है।

भीड़ में भी एकता महसूस करना बुद्धिमत्ता का लक्षण है।

भीड़ में एकांत का अनुभव करना ज्ञान है।

जीवन – ऊर्जा का ज्ञान आत्म-विश्वास लाता है और मृत्यु का ज्ञान तुम्हें निडर और केन्द्रित बनाता है।

कुछ व्यक्ति केवल भीड़ में ही उत्सव मना सकते हैं। कुछ केवल एकान्त में, मौन में, खुशी मना सकते हैं। मैं तुमसे कहता हूँ दोनों करो। एकान्त में उत्सव मनाओ और लोगों के साथ भी।

जीवन एक उत्सव है।

जन्म एक उत्सव है, मृत्यु भी एक उत्सव है।

मौन की गूँज हो या शोर – गुल – हर पल उत्सव है।

13 विचार “          भीड़&rdquo पर;

  1. तवियत तो ठीक है। वैष्णो देवी की दर्शन करने गयी थी इसलिए 2-3 दिन थकान तो रहेगा। और तुमको नम्बर दिया था – – – – – – – – – – – – ।

    Liked by 1 व्यक्ति

टिप्पणियाँ बंद कर दी गयी है।