~जिंदगी अजीब है 

जिंदगी अजीब सी है इसके रंग भी अजीब है।
कोई कंही हँसता है, कोई कहीं रोता है।

किसी का साथ जन्मों का है, कोई पल में विछड़ जाता है।

जिंदगी हम पर इतना रहम कर, रोते को हँसा सकूं।

किसी का दुख देखूँ , तो उसके साथ में साथ निभा संकू।

बस बड़ी सी ख्वाहिश है सारे जगत को अपना बना लें।

जीते जिंदगी में भले ही पीछे – पीछे रहें।

पर मरने पर अंतिम विदाई में, सारी दुनिया की रैली मेरे साथ खड़ी हो।

उनके दिलो में बस प्यार ही प्यार ही प्यार हो।

मेरे कर्मो का ऐसा शिला देना, जाने के बाद भी मेरे नाम के साथ दूर – दूर तक नफरतो का वास्ता न हो।

दोस्तों के साथ – साथ दुश्मनों की भी आँखें नम हों।

हे माँ मेरे कर्मो का बस इतना शिला देना।

रजनी सिंह

Advertisements

6 विचार “ ~जिंदगी अजीब है &rdquo पर;

टिप्पणियाँ बंद कर दी गयी है।